हम किन मूल्यों पर खड़े हैं
हम उन मानसिक जालों को पहचानने का प्रयास करते हैं जहां किसी नेता को ईश्वर, किसी दल को धर्म, और किसी विचारधारा को अंतिम सत्य मान लिया जाता है। यह मंच किसी समूह-विरोध का नहीं, बल्कि मनुष्य को उसकी अंतरात्मा से जोड़ने का प्रयास है।
हम धर्म को सत्ता-निष्ठा नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा, विवेक और आत्मचिंतन का मार्ग मानते हैं। प्रश्न करना यहां अपराध नहीं, बल्कि ज्ञान का द्वार है; और नैतिकता यहां पहचान का आधार है, अंधभक्ति नहीं।
