व्यंग्य

व्यंग्य, जो अंधकार को पहचानकर प्रकाश की ओर मोड़े

यहां व्यंग्य का उद्देश्य अपमान नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर चल रहे पाखंड और व्यक्तिपूजा पर सजग प्रहार है।

विवेक व्यंग्यSoon

ब्रेकिंग: विवेक का उपयोग करने वाले नागरिक पर शंका

धर्म के नाम पर फैलती अफवाहों और बिना सोचे-समझे निष्ठा पर एक करुणामूलक व्यंग्यात्मक दृष्टांत।

6 मिनट पढ़ें | 2026-06-22

मीडिया विवेचनSoon

पैनल चर्चा में सत्य अनुपस्थित, नारे उपस्थित

कैसे प्रश्न पूछने की जगह शोर, और करुणा की जगह वैमनस्य ले लेता है, इस पर संवादात्मक व्यंग्य।

5 मिनट पढ़ें | 2026-07-02

नैतिक व्यंग्यSoon

अंधभक्ति सेवा केंद्र: नैतिकता अस्थायी रूप से बंद

जब मनुष्य की पहचान सिर्फ झंडे से तय होने लगे और आचरण गौण हो जाए, उस विडंबना पर तीखा हास्य।

7 मिनट पढ़ें | 2026-07-14